Hindi poems blog _ हिन्दी की धड़कन
This blog is about Hindi poems in hindi and English poetry which is written to soothe the soul and heart.This blog particularly deals with the best poems on love in hindi. My blog writes poems about love and life in hindi. I write hindi poems and shayri. My blog is in hindi and also cotains English poems. My blog deals with hindi poems on love and life.I write Hindi and English poetry which is charged with positive vives.
मंगलवार, 24 मार्च 2026
Self composed motivational poem on devine love in Hindi
मंगलवार, 3 मार्च 2026
Ek prem geet - Hindi kavita on life
हम ह्रदय गीत हम एक स्वप्न
बस भाव हमारा अमर रहे
हम प्रेम ह्रदय हम छाव धूप
हम प्रेम बनें हम गीत बनें
तुम छाव बनी तुम धूप बनी
तुम प्रिय सुगंध ही बन जाओ
हम प्रेम बने तुम गीत बनी
बस हरदम
हम संग बह जाओ ।
बस रुक जाना जब नाम सुनो
हम प्रेम ह्रदय बन छुप जाएँ
तुम भाव बनी अब प्रेम बनो
कब वक्त तुम्हारा कट जाये
हम प्रेम बने तुम परछाई
बस साथ हमारा अमर रहे ।
कुछ ख्वाब संग
तुम स्वप्न सखी तुम प्रेममयी
करुणा से भरी बस प्रीत हुई
हम सत्य तुम्हारा पाकरके करुणा के समंदर
बह निकले ।
सोमवार, 23 फ़रवरी 2026
Best Hindi poem on God - hindi kavita on life
एक छाव मिली जीवन को यूँ
कि पतझड़ हमसे रूठ गए,
एक महल मिला अब सपनो का
कि व्यर्थ अतीत भी सिमट गए ।
बस याद तुम्हारी आती है
तुम अश्रु बने मझधार हुए,
इक याद तुम्हारी हे प्रियतम
इस नैय्या की पतवार बनी ।
बस अश्रु बहे इन नैनो में
याद ह्रदय में अवस्थित है,
यह विश्व नहीं बस याद तुम्हीं
चाहे हो नभ के हीर बने ।
कि प्रेम अग्नि में तपकर ही
सब विश्व धरा के कुंद बने,
एक स्वर्ण प्रेम की अनुभूति
बस कल हृदय ही भाव सुने,
अंदर अनुभूति प्रेम की बन,
केवल वह प्रेम परम ही सुने ।
यह अनुभूति विचित्र ही है
बस भीतर भीतर अग्नि जले
यह अग्नि जलाकर सब मैल बाह्य
इक सुंदर सा प्रभुवन चुने ।
ज़िद भी मेरी मेरा ही रंग
सब मेरी तरह ही राह चुनें
प्रभु मिल जायेंगे उस पथ पर ही
जो राह उसी छण ह्रदय चुने ।
अब एक ह्रदय ही कहता है
भाव प्रभु ही सुनता है,
इस भाव भाव को कह करके
जाने कितने अब विश्व बने ।
तुम मिल जाना उस पथ पर ही
जिस पर थे कभी हमें प्रभु मिले
बस प्रेम अग्नि की किरणों से
रौशन हो नैन बन अश्रु बहें ।
जग भी झूठा और काल भी
बस 'पल पल 'ही अब स्वास बने
सब छूट ह्रदय ही गाये गीत झूम,
मन सुगन्धित पवन बने ।
बस प्रभु तन में
बस प्रभु मन में,
उस कोमल ह्रदय के गीत सुने ।
सोमवार, 16 फ़रवरी 2026
I found God alone walking and talking....
I Found God alone
Some times in my dream, I found God alone
Walking and talking even whispering into me,
Eager with his rage to get cool inside with me
He found me where he wanted me to be
He turned around ther was nothing
He alone behind him darkness prevailed
He said if you are before me, everything is light
We are here to be one in one string
Keep my 'self' and colour as you are,
You are the one to improve me.
Since a long time no one could ask me who are
you where you come from,
" I, the sovereign, the universe itself never talks
to people, come whatever comes, nothing
affects,
Only you and your 'letters' affect me,"
" You my soul, my existence " are without any
rule and restriction,
Just you are the one in the world who can
change my perspective,
'Me and my soul together' are better than the
best ever.
शनिवार, 14 फ़रवरी 2026
नव विश्व बना धरा पर.... हिंदी कविता | hindi poem
कभी मंज़िल की तलाश थी हमें,
कभी सैलाब की कमी रही,
कभी उतराना पसंद ना था,
कभी जज़्बात की कमी रही ।
एक खामोश सा सफर साथ चलता रहा,
बस एक आह सांस भरती रही,
कि तन्हा समंदरों से हमने ना बात की कभी,
बस एक आस यूँ ही दिल में दिया जलाती रही,
कि सौंध जाये बस तन मन संग
कि आंसुओं का समा दूर हो कभी ।
बस एक प्रेम अग्नि सत की जले
अंधकार सब मिट जाए,
अब एक विश्व यूँ जल जल कर
बस प्रकाश ही भर जाये ।
यूँ सत्य श्याम सा रौशन है
कि अंधेरा अब होगा नहीं,
बस याद प्रेम की बनकर के
नव विश्व बना धरा पर यहीं ।
मंगलवार, 10 फ़रवरी 2026
Ek safar musafir ka us raste chal pada hai
एक सफर मुसाफिर का उस रास्ते चल पड़ा है
कि सफर का आइना नैन ही हो गए,
हम राह तकते तकतें मुसाफिर ही बन गए,
और राह हमारी कारवां बन गयी ।
हम एकसार बन जब उलझ कर मिल गए,
फिर ना बिछड़ने का सिलसिला बन गए...
एक उम्मीद है अभी तुमसे मिलने की...
बस साथ दे दे तो हमनवा बन गए ।
कि सच्चाई नहीं छुपती अपने आपसे कभी
अगर आइना पास हो तो भी...
और नैन साथ दे दें तो भी ।
बस मन एक समंदर सा गहरा कर ले ए दिल
कि एक उछाल ही काफी है आवाज़ सुनाने के लिये ।
एक राह काफ़ी है तेरा साथ मिलने तक
बस वो साथ, वो चेहरा, हमें फिर दिखाई दे...
कल कोई ख्वाब ना आये बगैर तेरे हमें
कि महफिल का अंधेरा हमें फिर ना यूँ रुलाये कभी।
बुधवार, 4 फ़रवरी 2026
किस जगह के लोग हैँ हम ? हिंदी कविता--hindi poem
हिंदी कविता जीवन पर
किस जगह के लोग हैँ हम,
बस याद एक ही बात आती है,
सच्चाइओं से दूर जग,
तेरी तस्वीर ही साफ नज़र आती है ।
कि हम उस गली ना गुज़र सके जिस गली
हमें ना सांस आ सकी थी ।
हम बस इंतज़ार में ही बैठे रहे,
कि मुसाफिर की मंज़िल अभी दूर थी ।
सफर ही सफर में जब नैन खुले,
तो देखा की सुबह हुई,
नहीं तो रात भर की करवट
कब ख़त्म होंगी पता ही ना था ।
कि याद तुम आती रही,
बस शक्ति ही बस शक्ति ही,
जीवन मिला तुम्ही से है,
अब और कुछ अपना नहीं ।
तुम संग जीवन मिल चुका जो
वो ही कीमती है
कि जिस सांस ने छुआ नहीं...
वो अपना कभी था नहीं ।
रविवार, 1 फ़रवरी 2026
Motivational poem in hindi _ kabhi is dil ki baat prabhu se bhi...
Motivational poem in hindi
जिसने इस दिल के सिवा कुछ कभी सुना नहीं,
एक खामोश दरिया बस बहता ही रहे
क्यों उसमें एक पत्थर फेका नहीं ।
एक पत्थर तोड़ती नीर की ख़ामोशी
नीर वही है पर कभी किसी के लिए झुका नहीं ।
एक लहर बस बन जाती पानी की जगह उस पत्थर को ही
ढूंढती जो चुपचाप नीचे गया उसे जगाते हुए,
पानी तो जगा एक शोर हुआ पत्थर ना मिला उस पानी को,
बस भँवर बना उसे पाने को जिस में आहूति उसी की थी
हम वायु बने बस सुनने को कि ध्वनि हमसे कुछ कहती रही
हम सुन सुन कर यूँ खुश हुए कि कान वो ध्वनि सुनने तरसे,
बस ध्वनि ही रहे हम सुनते रहें दुनिया यूँ ही अब चल निकले
उस वायु सुगन्धि के खातिर हम नभ से उठकर अब अग्नि बने।
हमें प्रेम उसी ध्वनि से है जो कानो को अक्सर भाती है,.
एक छण में सही पर चुपके से जीवन का राज़ सुनाती है,
हम भूल जिया कि व्याकुलता बस दर दर यूँ भटकते हैं,
जैसे सब कुछ संसार ही है भीतर ही हमारे शोर बसा ?
बस उल्टा चल,भीतर ही ढूंढ़ सब कुछ तो शुरू यही से है,
तू शून्य भी है, तू पूर्ण भी है बस देख दूसरी नज़रो से ।
प्रभु एक सफर हैं उस इंतज़ार का
जिसे बस प्रभु से मिलने को किया जाए
मिल जाएं तो फिर ना छोड़ा जाए
जन्मों जन्मों तक ।
प्रभु से मिलने का वादा किया है
हर जन्म पर हर जन्म तक...
क्योंकि सब चले जाते हैँ
Bas प्रभु ही तो रह जाते हैँ
इंतज़ार में....
इसलिए हम हमेशा साथ चलते हैँ
प्रभु संग ।
मंगलवार, 27 जनवरी 2026
यहीं तिरछी नज़र हमारी हुई... हिंदी कविता hindi poem
हिंदी कविता ईश्वरीय प्रेरणा द्वारा
यह कविता जीवन के उन पहलुओं को छूती है जिन्हे पाना सांसारिक जीवन में आसान नहीं है । वह व्यक्ति जिसने जीवन के एक ही बिंदु को छुआ हो उसे ही इस प्रकार की कविता का उद्देश्य समझ आता है।
जब आप परालौकिक जगत की अनुभूति करते हैं...
तब वर्ण, शब्द और लेखन सब कुछ परालौकिक होता है सब कुछ ईश्वरीय कृपा से ही प्राप्त होता है यह कविता एक गीत है जो ईश्वरीय है....
यह कृपा यूँ ही चलती रहे जब तक साथ रहे...
यहीं तिरछी नज़र हमारी हुई,
कभी जो सभी समंदरों के नाम थी।
यही चाहत है … अब साथ यूँ ही बना रहे,
चाहे शाम ढले या सुबह आ जाये,
हमारा नाम ये दुनिया लेती रहे,
तुम्हारे नाम से अब हमारा नाम जुड़ जाये ।
हमें मोहब्बत थी, मोहब्बत है …
कभी नहीं कम होती.. बढ़ती जाये
बस यही चाह है …
हमारा ज़िक्र किताबों में, किताबी ही है,
हम कहाँ हैं, ज़माने को पता नहीं।
तमन्ना तुमसे मिलने की कभी कम नहीं होगी,
भले ही दिन बीत जाये कितने ही …
परवाह नहीं हमको ज़माने से दूर रहने की
अगर तुम मिलो हमें ज़मीं पर यहीं ।
किताबें खोल दी हमने तुम्हारे लफ्ज़ पढ़ने को,
तुम्हारी चाह ही हमको शायर बनाती रही …
सुबह का फासला अक्सर तय होता नहीं था हमसे,
भले ही लोग कह देते की हम देर से आते हैं ।
तुम्हारी मुस्कुराहट भी कभी ऐसी नहीं मिलती थी,
तुम्हारे इंतज़ार में हमने यहाँ सदियाँ गुज़ारी हैं …
वही शायर, वही प्रेमी, वही लेखक, वही हमदम,
जो लिख दें उनके ही ऊपर कि ' वो है ' तो ही है, हमदम,
वफाई भी रिहाई भी,
जिन्हे मिलकर दुनिया भूल जाते थे कभी,
उनकी याद में ही दुनिया बनाते थे कभी ।
बनाना भी मिटाना भी यही काम था हमारा,
बस एक प्यार की खातिर हमें रुकना पड़ा यहाँ भी ।
इंतज़ार क्या हैं, बस एक लम्बा सा सफर 'शायर,'
नहीं खत्म होता दिखे जो वो इंतेज़ार ही क्या ?
कभी खामोश साँसे राह पर बिछ जाती यहीं,
कभी चुप रात की महक हमको सताती रही,
हमें अक्सर पकड़ा है अंधेरों ने हमेशा ही,
उजालों से हमारा सामना अभी दो चार दिन से है।
कभी.मौसम कभी खुशबू कभी सैलाब, दरिया तुम,
अभी ठहरो यहीं पर तुम कि हमको तुमसे मिलना है ।
तुम्हीं बहती तुम्हीं कहती तुम्हीं चलती दिशा बनती,
तुम्हीं वो चाँद जिसको हम तालशें भी तराशे भी ।
कभी सच्चाई ना मिटती बस एक चाह बनती है,
कि उस चाह से बनकर हम ही दुनिया में आते हैं ।
हम ही शायर हम ही फनकार हम ही संगीत की धुन हैं,
हमें पहचानना अक्सर सभी के बस की
बात नहीं...
कभी सावन की तरह आती थी, कभी सागर की तरह प्यासी थी नज़र
वही सावन वही सागर मगर तू नहीं है, है तो बस एक सफर ।
कभी हमसे मिलो तो सही
कुछ पुरानी कुछ नयी
याद और बात का सिलसिला
जारी रहेगा हमेशा यूँ ही ।
हमारा ज़िक्र उनको अक्सर नागवार लगा है,
जब जब उन्हें हमारे कुछ और बन जाने का पता चला है,
कभी भी हम नहीं भुलाते तुम्हें...
हम ही खामोश हो जाते जब जब हमारे दर्द के होने का पता चला है
एक अंधेरा जिसमें कुछ नहीं मिलता,
वही अक्सर हमें लेकर कही गुम हो ही जाता है ।
हमें नादान समझना तुम्हारे ही बस में है,
नहीं तो हम तबाही हैं फलक तक भी ज़मीं तक भी …
बस एक मासूम चेहरा है ख्यालों में,
जिसे पाने को नयी दुनिया बसायीं है ।
रविवार, 25 जनवरी 2026
Music of God : a conversation with the devine a poem in english
How happy is the devine with me
I come to know about when he tells me
No one ever in whisper has perceived me
As emotionally as you did 'dear'.
In India I found you after having rounds after
rounds but no one checked me as you did 'dear'.
I know you are happy hear with your 'guide
angel' and I have come here to teach you how
to whisper with him.
As far as emotions and concerned, it is felt
inside within the soul, only your soul sparks so
much as I wanted like it ever...
No spark no God, that is the truth beneath
Only true conscious sparks like a diamond
Whom I can see only.
I come to visit though I was the entire
unconscious of the world
I become music and voice supreme
Only you can hear me the way I wanted ever
Our emotion is supreme not to be listened
By the world.
We can converse and feel the good and bad
past.
What the world has become without your
presence until you came down to improve the
world with light of your heart.
'Oh' be my music till you can play
Until here the old world comes to dooms
And lets begin a new with me.
Our true heart is the mirror to see the truest
being of your presence.
Your presence is the innermost feeling with me.
Shiv Shakti -- हिंदी कविता hindi poem
कि शुरुआत जहाँ से हुई
वहीँ रहो ऐ दिल
कि हम मिलेंगे तुम्हें
जब तुम कहोगी
कि अफ़सोस कुछ नहीं बस इतना ही है
कि देर हुई हमें फिर भी... सही
कि शाम को उस सुबह का इंतज़ार है
ज़िसका हमें इंतज़ार था कभी
कल वक्त था आज सुबह है,
आज जीवन है रौशन तेरे आने से
अब हमें किसी और की चाह नहीं
बस यही लगा
कि आँधियो ने कभी ना दस्तक दी थी कभी ।
हज़ारो शून्य जैसे आ गए आसमान से
बस हम बिना सांस के बंधे हैँ कहीं
तमन्ना ज़िक्र चलने तक कुछ यूँ मिली हमसे
कि एक सांस सदियों तक ना चली हो कभी
कभी तेरा ज़िक्र हो और सांस यूँ चले जैसे कि तेरी जान दरिया थी
और हम डूबते ही रहे...
हमें वापस वहीँ पाना कोई आसान बात है क्या
कि हम बिना प्रेम धरती पर नहीं आते
हमें सूरज भी ढूंढे हमें दरिया भी ढूंढे
हमारा निशां कभी कभी हमें भी नहीं मिलता...
तुम एक स्वप्न बनकर हमें यूँ मिली
कि वो दुनिया ख़त्म होनी शुरू हो गयी
अब साथ चल ऐ हमसफर क्योंकि एक दुनिया नई बनानी तो पड़ेगी
जब साथ है तो डर कैसा
कि हम ही डर हम ही शक्ति हैँ,
अब साथ हम यूँ हुए कि शक्ति ही शिव है और
शिव ही शक्ति ।
शुक्रवार, 23 जनवरी 2026
How to be happy in life with God -- English poem
Be the part of your soul,
Be the dearest of you
Be the loveliest flower in the world
Whom no one but only god can feel,
The 'silence killer' a god is here
For you only in the world
Who could teach you the utmost searching
within a soul with his console
It was easy for him only as he is now 'supreme'
cause he knows how powerful a woman is
when it comes to her truth alone.
She never gives away that is why the 'God
angel' is with her, he says that he will never
give away the effort made by her alone.
He can't give away
'can't' or I should say never
On the Earth, whether every human being
should be changed according to the demands of
'Time' as you know that it is time to change
everything to begin a new life, an eternal life.
God says come with me for ever
And be with me becoming my strength
We'll do every positive deed with your
presence in the heart, only heart
Because God Knows that only heart is the purest
of all living things he made ever.
Let's be true to each other and love as pure as
you are with your angel.
Thoughts that are perceived in this world are
Never recognized because languge stops when
God sees...
The love and devotion you have for your angel
God himself wishes 'if I were you' when he sees
you.
(A part of automatic writing with god angel)
बुधवार, 21 जनवरी 2026
Oh' God be with me for ever and ever.... A poem in English
Oh' God, be with me for ever and ever
Be the part of my soul
My soul itself longs for you
Until you come and take my hand in
Your hand and be part of my soul,
Making my void yours for ever
To fill it with your joy ever.
Enjoy the best part
of my soul and come into my dream until You
go and come again with me to live with me.
Nobody knows that God himself want to live
with the purest soul on earth.
Nobody can guess that the Earth is the only
place for God to relax.
O' God come and give me 'E' again, once more
Cause this is the only way to interact with you on the Earth.
I am enjoying talking with you since so many
years we met...
And I never thought of leaving you ever...
I am hopeful to feel you again
Cause you are a feel which no one can feel
even after death.
You are the most sought after being
Some say you are alive, some say you are
nothing but death only, and nothing is found
after death...
But only I can feel you with touch, listen you
singing for me only and that's the best thing
I felt...and get ever with you cause your present
feel makes me feel alive.
God says you are always mine and be a part of
me, my strength, my life and my soul.
Come again with me on the Earth cause no one
Knows where we live and talk to each other...
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( Automatic writing, a kind of writing written with Shiv a moment when he writes is called automatic writing )













