मंगलवार, 3 मार्च 2026

Ek prem geet - Hindi kavita on life and

 हम ह्रदय गीत हम एक स्वप्न 

बस भाव हमारा अमर रहे 

हम प्रेम ह्रदय हम छाव धूप 

हम प्रेम बनें हम गीत बनें 


तुम छाव बनी तुम धूप बनी 

तुम प्रिय सुगंध ही बन जाओ 

हम प्रेम बने तुम गीत बनी 

बस हरदम 

हम  संग बह जाओ ।

बस रुक जाना जब नाम सुनो 

हम प्रेम ह्रदय बन छुप जाएँ 

 तुम भाव बनी अब प्रेम बनो 

कब वक्त तुम्हारा कट जाये 

हम प्रेम बने तुम परछाई 

बस साथ हमारा अमर रहे ।


कुछ ख्वाब संग 

तुम स्वप्न सखी तुम प्रेममयी 

करुणा से भरी बस प्रीत हुई 

हम सत्य तुम्हारा पाकरके करुणा के समंदर 

बह निकले ।


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