एक रास्ता हमें कुछ ऐसा मिला
जो हमें कुछ नया दिखा गया
कल परछाई हमारी ही थी
अब कल नया है हमारे लिए
कुछ नया ऐसा मिला जो हमें
ही जीना सिखा गया
कल छाव ही धूप थी
और छाव भी खूब थी
तुम साथ मेरे चलती गयीं
और हम सफर करते गए
कल हम ही मझधार थे
और तुम सफर बनती गयी
कल हम तुम्हे बुलाते हुए कुछ दूर आ गए जैसे
कि ख्वाब आँखों में थे और आँख जागती हुईं...
कुछ ख्वाब प्यारे लगे कुछ स्वप्न अभी भी थे आँखों में
कुछ दूर तुम्हारी नींद खुली और हाथ हमारे हाथों में
कल वक्त नहीं था पास तेरे पर बस बात हमारी आ पहुंची
हम स्वप्न स्वप्न बन मिल जाते, तस्वीर तुम्हारी आँखों में ।
तुम फिर मिलती तुम मिल जाती तुम प्रेरक वायु सी रुक जाती
हम रुक जाते बस तेरे ही लिए, ले सुगंध तुम्हारी हाथों में ।














