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गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

Motivational हिंदी poem on new world

Motivational हिंदी poem on new world

Motivational hindi poem on new world
 

किसी राह साथ चलने से यूँ तक़दीर हमारी 

बदल जायेगी, 

कि सोच से आगे जहाँ है अब. 

क़यामत भी आगे बदल जाएगी ।

कि आंधिया अक्सर वही सोचती थी जो पुराने ज़माने ने 

लिख डाला,

कि जहाँ तुम्हारा बसाने को स्वयं शिव बन सदाशिव प्रकट हुए 

कि सत्य ज्योति जलाकर ही स्वयं ब्रह्म बने सदाशिव ही 

अन्याय राह से विमुख रहे अब सत्य मार्ग हैँ दिखलाते 

इस पुण्य भूमि की धरा पर ही बस लिखकर अपने वर्ण नये 

एक नयी ज्योत हैँ दिखलाकार आरम्भ किये जीवन प्रभु भी,

बस साथ तुम्हारा बना रहे और पुराना जहाँ बिछड़ जाये ।

इस सत्य राह पर तुम ही हो जो ना मृत्यु बाद बदल पाए तुम वही अडिग अविरल  लौटी जहाँ स्वयं सदाशिव आ पहुंचे,

तुम गुरु संग अडिग चलती रहती बस हमको ही तो बदलना है 

एक विश्व नया बनाने को बस नभ को ही तो बदलनाहै,

हम विश्व नहीं हम नभ ही थे, बस प्राण तुम्हारे बन जाए 

जो हमसे बना था विश्व कभी वो जल्द ख़ाक में मिल जाए,

बस धू धू कर वह अग्नि जले जिसमे अविवेक भी जल जाए

 बस रह जाए एक वही प्रेम जिसे पाके सदाशिव जी जाए ।


sadashiv🙏🙏🌺🌺


मंगलवार, 24 मार्च 2026

Self composed motivational poem on devine love in Hindi

 

Self composed motivational poem in hindi



कल ख्वाब में जब हम मिले 
तब एक नयी उम्मीद जगी 
एक रात गयी सुबहा निकली 
कुछ बात तारों से कह भी दी ।




आकाश तले  जब जगदम्बा 
कोई ख्वाब बुने और ख्वाब चुनें 
भरकर अपनी ही प्राणवायु बस शिव की ही तलाश करे ।




एक प्रेमगीत बस सुनकर ही 
जब भैरव से शिव निकले 
तब दृष्टि खुले उस प्रभु की भी जो बस अपनी धुनी रमे ।

Self composed poem on devine love in Hindi





इक ध्वनि सुनकर जब शिव जागे,
तब राक्षसि प्रवृत्ती का अंत जगे 
कुछ प्रेम से हो जो पहले ना हुआ,
केवल प्रभु कोमल ह्रदय रहें ।



उस प्रेम चाह में जब प्रभु जी 
उस पल ही दूसरी सृष्टि बने 
तप बनकर अग्नि प्रज्वलित कर 
केवल अभिमानी व्यक्ति जले 




जो ना काम के थे प्रभु बिन 
केवल अवकाश प्राप्त अवगुण 
प्रभु चाह स्वयं लिखें जगदम्बा 
वह शक्ति सुसज्जित प्रेम बने ।
Best poem on devine love in Hindi