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बुधवार, 20 मई 2026

A motivational poem on लाइफ

 एक रास्ता हमें कुछ ऐसा मिला 

जो हमें कुछ नया दिखा गया 

कल परछाई हमारी ही थी 

अब कल नया है हमारे लिए 

कुछ नया ऐसा मिला जो हमें 

ही जीना सिखा गया 

कल छाव ही धूप थी 

और छाव भी खूब थी 

तुम साथ मेरे चलती गयीं 

और हम सफर करते गए 

कल हम ही मझधार थे 

और तुम सफर बनती गयी 

कल हम तुम्हे बुलाते हुए कुछ दूर आ गए जैसे 

कि ख्वाब आँखों में थे और आँख जागती हुईं...

कुछ ख्वाब प्यारे लगे कुछ स्वप्न  अभी भी थे आँखों में 

कुछ दूर तुम्हारी नींद खुली और हाथ हमारे हाथों में 

कल वक्त नहीं था पास तेरे पर बस बात हमारी आ पहुंची 

हम स्वप्न स्वप्न बन मिल जाते, तस्वीर तुम्हारी आँखों में ।

तुम फिर मिलती तुम मिल जाती तुम प्रेरक वायु सी रुक जाती 

हम रुक जाते बस तेरे ही लिए, ले सुगंध तुम्हारी हाथों में ।



शनिवार, 11 अप्रैल 2026

महादेव का दिव्य प्रेम | दिल छू लेने वाली शिव भक्ति कविता |

 


महादेव का दिव्य प्रेम | दिल छू लेने वाली शिव भक्ति कविता | Spiritual Poem in Hindi


महादेव का दिव्य प्रेम | दिल छू लेने वाली शिव भक्ति कविता |


कभी आकाश ने लिखा कुछ ऐसा 

जो शब्दों में पहले ना समझ आया 

कुछ वर्ण नये बनाए उसने जो पूर्ण नवीण हुए 

वो वही बना जो सिर्फ मेरा ही है 

कभी सुना है आकाश स्तम्भ बन धरती तक आ पंहुचा है ।

उसे सदाशिव ही कहो दिल नें कहा 

बस वही तुम्हारा है यही ह्रदय है,

जो नवीन है पूरी तरह....

आकाश ने लिखा मेरे लिए, हाथ मेरा था,

वर्ण उसके ही वो अंक है जो 9 तक चलता है,

'ड' का साथ उनको आगे बढाता गया,

गुरु संग भक्ति प्रेम ही प्रबल था जो 

संसार को बदल गया ।

किसी रोज़ कभी मिल जायेगा मुझे वो 👍

जो बस मेरा ही रहे बस मेरा ही,

वो जो मुझसे ही बने मेरे लिए ही, 

कभी एक युग लगा, कभी 

एक सदी...

कभी एक पृथ्वी कभी आकाश, 

कभी साथ मिला नहीं कभी हाथ, 

तुम मिलो हमें यहीं कि अब समय आ गया 

हमें मिलाने। को।

ये आकाश कभी नभ,कभी सदाशिव, कभी वायु मिली बस,

यहीं तुम अब सदा यही रहो क्योंकि हम यही हैँ ।

हम कभी दूर नहीं बस पास ही 

तुम वही ज़िसका स्वप्न हम देखते रहे, 

हम सदाशिव हुए तुम प्रकृति हमारी ।

तुम ही चाँद तुम ही सूर्य,

तुम बस सूक्ष्म कण जिंदगी का मेरी,

तुम बिंदु मेरी, मेरे लिए बस हम ही हैँ 'अ ' ।

तुम्हारी तलाश में हम तुम जीवन हो,

तुम्हें पाने को ही वो दुनिया मिटानी है जो कभी यूँ ही बन गयी । 

कि रौशन जहाँ हमारा ही हुआ है वो जो तुमने बनाया मेरे लिए मेरी ही याद में,

तुम मैं हूँ मैं तुम हम ही आकाश बने धरती के लिए, 

नवीनता लाते हुए कि हम फिर आ सके यही ।

कि हम शिव हुए सदाशिव से...

बस एक याद तुमसे बनी... हमारी ही ।


Sadashivself 🙏🙏🌺🌺👏👏








रविवार, 5 अप्रैल 2026

Motivational Poem on stressfree life with devotional love

 

Motivational Poem on  stressfree  life with devotional love



कभी हम मिलते हैं दुनिया को 

बस एक राह चलता जा, 

कि सूरज भी पिघलता है 

अरे कुछ सोचकर तो देख ।

कि आंधी भी ठहरती है 

बस एक ठहराव पकड़ो तो, 

कि बारिश भी रूकती है 

बस एक बून्द बन जा तू 

जो ना सूरज को समझे कुछ 

स्वयं वो आग बन जाओ,

जो जल जलकर गैरों को 

बस एक राख़ बनवा दे ।

हज़ार आइनो की तस्वीरें 

जो त्यागे वही शिव है, 

कि कल काल था जो कल 

वही अब आज बन जा तू ।

मिटा के जीर्ण तस्वीरे

बस  एक अमिट चाह बन जा तू

कि प्रभु भी उसे पूरी करने को ही तरस जाये ।



''शिवसेल्फसोल discussions'' 🙏🙏