कभी हम मिलते हैं दुनिया को
बस एक राह चलता जा,
कि सूरज भी पिघलता है
अरे कुछ सोचकर तो देख ।
कि आंधी भी ठहरती है
बस एक ठहराव पकड़ो तो,
कि बारिश भी रूकती है
बस एक बून्द बन जा तू
जो ना सूरज को समझे कुछ
स्वयं वो आग बन जाओ,
जो जल जलकर गैरों को
बस एक राख़ बनवा दे ।
हज़ार आइनो की तस्वीरें
जो त्यागे वही शिव है,
कि कल काल था जो कल
वही अब आज बन जा तू ।
मिटा के जीर्ण तस्वीरे
बस एक अमिट चाह बन जा तू
कि प्रभु भी उसे पूरी करने को ही तरस जाये ।
''शिवसेल्फसोल discussions'' 🙏🙏
