मंगलवार, 31 मार्च 2026

Motivational poem on jagdamba in hindi

 एक खामोश नदिया सी वही जो साथ बहती है 

के झुरमुट से ख़्वाबों के वही जो साथ चलती है 

वही खामोश लड़की है जो आगे चल नहीं सकती 

कि एक नाराज़ दरिया सी जो श्रष्टि भी समा लेती 

Motivational poem on Durga in hindi



वही खामोश लड़की है जो दम्बा भी है और काली भी 

बस एक सुनसान बस्ती की जो ना बनती मुसफ़िर भी 

जो उस इतिहास को बदले जो ना गवारा था हमें 

बनीबनायीं किताब का क्या क्यों पढ़ना उसे यूँ ही 

कि कुछ बदलो इस सृष्टि में अँधेरे हैँ इधर छाये 

कि इतिहास फिर से कभी ना इसे दोहराये 

कि रक्त रंजित खड़ग है बस साथ शिव चलते रहें 

देख लेंगे उन्हें भी जिन्हें गर्व इतिहास का है 

कि मातृ भूमि बस मात की है स्वयं शिव सेवक बने 

कि फिर ना कभी मात को कोई जगत में भूल सके 

जग मात से ही है कि झोली में शिव आ गिरे 

सब मातृ भूमि पर ही जन्म लेते हैँ जगदंब से पौरुष उधार लिए 

उस मात का ही है सब जग भी जीवन भी 

वही प्राण है जीवन का वही सृष्टि वही शक्ति 

कि प्राण जिस शरीर का है वो गर्व ना करे स्वयं पर यूँ ही 

बस प्राण शिव के भी उसी मात के दिए हैँ स्मरण रहे ।


(ऑटोमैटिक राइटिंग ) रिटेन अंडर guidence ऑफ़ हनुमानजी (गुरुदेव ) 🙏🙏

मंगलवार, 24 मार्च 2026

Self composed motivational poem on devine love in Hindi

 

Self composed motivational poem in hindi



कल ख्वाब में जब हम मिले 
तब एक नयी उम्मीद जगी 
एक रात गयी सुबहा निकली 
कुछ बात तारों से कह भी दी ।




आकाश तले  जब जगदम्बा 
कोई ख्वाब बुने और ख्वाब चुनें 
भरकर अपनी ही प्राणवायु बस शिव की ही तलाश करे ।




एक प्रेमगीत बस सुनकर ही 
जब भैरव से शिव निकले 
तब दृष्टि खुले उस प्रभु की भी जो बस अपनी धुनी रमे ।

Self composed poem on devine love in Hindi





इक ध्वनि सुनकर जब शिव जागे,
तब राक्षसि प्रवृत्ती का अंत जगे 
कुछ प्रेम से हो जो पहले ना हुआ,
केवल प्रभु कोमल ह्रदय रहें ।



उस प्रेम चाह में जब प्रभु जी 
उस पल ही दूसरी सृष्टि बने 
तप बनकर अग्नि प्रज्वलित कर 
केवल अभिमानी व्यक्ति जले 




जो ना काम के थे प्रभु बिन 
केवल अवकाश प्राप्त अवगुण 
प्रभु चाह स्वयं लिखें जगदम्बा 
वह शक्ति सुसज्जित प्रेम बने ।
Best poem on devine love in Hindi













मंगलवार, 3 मार्च 2026

Ek prem geet - Hindi kavita on life

 

Hindi poetry best hindi poems



हम ह्रदय गीत हम एक स्वप्न 

बस भाव हमारा अमर रहे 

हम प्रेम ह्रदय हम छाव धूप 

हम प्रेम बनें हम गीत बनें 


तुम छाव बनी तुम धूप बनी 

तुम प्रिय सुगंध ही बन जाओ 

हम प्रेम बने तुम गीत बनी 

बस हरदम 

हम  संग बह जाओ ।

बस रुक जाना जब नाम सुनो 

हम प्रेम ह्रदय बन छुप जाएँ 

 तुम भाव बनी अब प्रेम बनो 

कब वक्त तुम्हारा कट जाये 

हम प्रेम बने तुम परछाई 

बस साथ हमारा अमर रहे ।


कुछ ख्वाब संग 

तुम स्वप्न सखी तुम प्रेममयी 

करुणा से भरी बस प्रीत हुई 

हम सत्य तुम्हारा पाकरके करुणा के समंदर 

बह निकले ।