कभी दिल की धड़कन सुन
कुछ कहेगी तो सही
एक बात जो हम ना
कह सके कह तो सही
ज़माने का क्या है आज है
कल नहीं ।
कभी एकसार हो जा फिर
मिलें हम यहीं
यह संसार यूँ ही चलता रहे
साथ बस दूर थोड़ा ही
तुम्हें पाकर ना कुछ ढूंढा जाये
फिर ना इम्तिहान हो कोई
जब ब्रह्म मिल जाये तब साथ प्रभु चलें
ना कुछ खोना हो ना कुछ गवाना
बस चाह साथ हो और ज़माना बदल जाये
बस बात हो शिव संग,
ज़माने का. क्या...
एक बिंदु बन तुम फिर मिल जाओ
फिर दिल मिले और तुम दिल ही बन जाओ ।
