बुधवार, 20 मई 2026

A motivational poem on लाइफ

 एक रास्ता हमें कुछ ऐसा मिला 

जो हमें कुछ नया दिखा गया 

कल परछाई हमारी ही थी 

अब कल नया है हमारे लिए 

कुछ नया ऐसा मिला जो हमें 

ही जीना सिखा गया 

कल छाव ही धूप थी 

और छाव भी खूब थी 

तुम साथ मेरे चलती गयीं 

और हम सफर करते गए 

कल हम ही मझधार थे 

और तुम सफर बनती गयी 

कल हम तुम्हे बुलाते हुए कुछ दूर आ गए जैसे 

कि ख्वाब आँखों में थे और आँख जागती हुईं...

कुछ ख्वाब प्यारे लगे कुछ स्वप्न  अभी भी थे आँखों में 

कुछ दूर तुम्हारी नींद खुली और हाथ हमारे हाथों में 

कल वक्त नहीं था पास तेरे पर बस बात हमारी आ पहुंची 

हम स्वप्न स्वप्न बन मिल जाते, तस्वीर तुम्हारी आँखों में ।

तुम फिर मिलती तुम मिल जाती तुम प्रेरक वायु सी रुक जाती 

हम रुक जाते बस तेरे ही लिए, ले सुगंध तुम्हारी हाथों में ।