मंगलवार, 20 जनवरी 2026

Kabhi dil ki dhadkan sun kuchh kahegi..... Hindi poem हिंदी कविता

 कभी दिल की धड़कन सुन 

कुछ कहेगी तो सही 

एक बात जो हम ना

कह सके कह तो सही 

ज़माने का क्या है आज है 

कल नहीं ।


कभी एकसार हो जा फिर 

मिलें हम यहीं

यह संसार यूँ ही चलता रहे 

साथ बस दूर थोड़ा ही

तुम्हें पाकर ना कुछ ढूंढा जाये

फिर ना इम्तिहान हो कोई


जब ब्रह्म मिल जाये तब साथ प्रभु चलें

ना कुछ खोना हो ना कुछ गवाना

बस चाह साथ हो और ज़माना बदल जाये

बस बात हो शिव संग,

ज़माने का. क्या...

एक बिंदु बन तुम फिर मिल जाओ

फिर दिल मिले और तुम दिल ही बन जाओ ।


Hindi poem - Dil




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